अब डराने लगी है जंगलों की आग, पहाड़ों में छाई धुएं की धुंध

देहरादून उत्तराखंड में जंगल की आग बेकाबू होने के साथ ही पहाड़ों में धुएं से धुंध की चादर भी पसरने लगी है। रही-सही कसर इन दिनों चल रही तेज हवा पूरी कर दे रही है, जो वनों की आग में घी का काम कर रही है। आग के फैलाव का अंदाजा इसी से लगा सकते
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अब डराने लगी है जंगलों की आग, पहाड़ों में छाई धुएं की धुंध

देहरादून उत्तराखंड में जंगल की आग बेकाबू होने के साथ ही पहाड़ों में धुएं से धुंध की चादर भी पसरने लगी है। रही-सही कसर इन दिनों चल रही तेज हवा पूरी कर दे रही है, जो वनों की आग में घी का काम कर रही है। आग के फैलाव का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि 11 दिन में अब 461 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके साथ ही इस सीजन में अब तक आग की घटनाओं की संख्या बढ़कर 549 पहुंच गई है। इनमें 757 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ और वन संपदा को 12.44 लाख रुपये की क्षति का अनुमान लगाया गया है।

जंगल की आग अब डराने भी लगी है। पौड़ी जिले में श्रीनगर के नजदीक डांग के जंगलों में लगी आग शनिवार को आबादी के करीब तक पहुंच गई। इसे बमुश्किल काबू किया गया। बदरीनाथ वन प्रभाग की विरही रेंज के जंगल पिछले पांच दिन से सुलग रहे हैं। रुद्रप्रयाग के मेदनपुर, जखोली व खांकरा के जंगलों में लगी आग अभी तक नहीं बुझ पाई है। इधर, राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर और हरिद्वार रेंज के जंगलों में भी आग की सूचना है। वहीं, कुमाऊं मंडल में भी कई जंगल सुलग रहे हैं। वहां नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों में आग की सबसे अधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। आग की लगातार बढ़ती घटनाओं ने वन महकमे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उधर, मुख्य वन संरक्षक (वनाग्नि प्रबंधन) प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि सभी कर्मचारी अलर्ट पर हैं। कहीं भी सूचना मिलने पर वनकर्मी आग बुझाने में जुट रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का भी सहयोग मिल रहा है।