कांग्रेस के नौ नहीं ‘नो’ सूत्रः विनय गोयल

देहरादून, । भारतीय जनता पार्टी ने कहा हेै कि कर्णप्रयाग में आधा मतदान होने और एक्जिट पोल आना शुरू होने पर कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नौ सूत्र बता रहे हैं कि असल में कांग्रेस ‘नो’ यानि शून्य सूत्र से सरकार और पार्टी चलाती रही है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने आज यहां बलबीर
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कांग्रेस के नौ नहीं ‘नो’ सूत्रः विनय गोयल

देहरादून, । भारतीय जनता पार्टी ने कहा हेै कि कर्णप्रयाग में आधा मतदान होने और एक्जिट पोल आना शुरू होने पर कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नौ सूत्र बता रहे हैं कि असल में कांग्रेस ‘नो’ यानि शून्य सूत्र से सरकार और पार्टी चलाती रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने आज यहां बलबीर रोड प्रदेश कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आज जब अखबारों में कांगे्रेस के जनवरी में खुले एक बेैंक खाते में करोडों रूपये जमा होने का मामला सार्वजनिक हुआ तो इसके अध्यक्ष सूत्रा गिनाने बैठ गये ।

सफाई दे रहे हैं कि चुनाव आयोग को इसकी जानकारी है तो उन्हे यह भी पता होगा कि यह जानकारी छिपाये-छिपती भी नही और न यह छिपता कि इसके संचालक कांग्रेस के संविधान और बाईलाज की धारा 20 में वर्णित अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और कोषाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के बजाय कमल रावत व रांघड नामीएक उपाध्याय और दूसरा मुख्यमंत्री का नजदीकी है, जो पार्टी में कुछ नहीं हैं । उन्होनेे कहा कि अब जांच तो इस बात की होनी है कि क्या इसमें जमा अरबों रूपया एनएच के भू घाटालों का पैसा है और इसी में से किच्छा में कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत के चुनाव अभियान का वित्त पोषण हुआ है या इससे भी बडा कुछ है ? गोयल के अनुसार यह एक बार फिर मुख्यमंत्री हरीश रावत के ‘न खाता न बही,जो हरीश रावत कहे,वही सही’ कथन की याद दिला रहा है।

किशोर उपाध्याय के इस जांच का स्वागत करने और उसमें भाजपा को भी लपेटने की कोशिश पर गोयल का कहना था कि कांग्रेस अब आपराधिक मामले में फंस रही है तो उसके जांच के लिये तैयार होने या न होने का क्या अर्थ है? भाजपा का तो हर खर्च चुनाव आयोग और आदर्श आचार संहिता के अनुरूप है। कांग्रेस के भाजपा पर चुनाव में अत्यधिक संसाधनों के आरोप पर गोयल का कहना था कि एक ओर अवैध शराब और धन बंटवाते पकडी गई कांग्रेस ऐसे बेसिर-पेैर के आरोप लगाती है तो दूसरी ओर मीडिया भाजपा पर अपने प्रयुक्त वाहनों और नुक्कड नाटकों का भुगतान समय पर न कर पाने की खबरें चलाती है । सच कहां है,सबको पता है।