केदारनाथ धाम में वॉच टावरों से रहेगी केदारपुरी पर नजर

देहरादून : समुद्रतल से 11755 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शनों के बाद अब यात्री वाच टॉवरों से केदारपुरी की विहंगम छटा भी निहार सकेंगे। साथ ही बरसात के दौरान किसी भी स्थिति पर नजर रखने में ये टावर बेहद उपयोगी साबित होंगे। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में जुटा
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देहरादून : समुद्रतल से 11755 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शनों के बाद अब यात्री वाच टॉवरों से केदारपुरी की विहंगम छटा भी निहार सकेंगे। साथ ही बरसात के दौरान किसी भी स्थिति पर नजर रखने में ये टावर बेहद उपयोगी साबित होंगे।

केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में जुटा नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) मंदिर के ठीक पीछे सुरक्षा दीवार पर चार वॉच टावर बना रहा है। निम के मुताबिक करीब 24 फीट ऊंचे इन टावरों का निर्माण कार्य दो माह में पूरा हो जाएगा।

वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद निम केदारपुरी के पुनर्निर्माण में जुटा हुआ है। केदारनाथ मंदिर के ठीक पीछे थ्री टियर प्रोक्टेशन वॉल (त्रिस्तरीय सुरक्षा दीवार) बनाई गई है। करीब 320 मीटर लंबी तीसरी दीवार आरसीसी की है और इसी पर वॉच टावर बनाए जा रहे हैं। निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल बताते हैं कि 14 फीट ऊंची इस दीवार के ऊपर 50-50 मीटर की दूरी पर चार प्लेटफार्म बनाए जाएंगे।

प्रत्येक प्लेटफार्म में 10 फीट की ऊंचाई पर वाच टावर बनेंगे। इस प्रकार करीब 24 फीट ऊंचे इन टावरों का उपयोग बरसात में किसी भी आपात स्थिति पर नजर रखने में किया जाएगा। बाकी दिनों में केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु इनसे केदारपुरी के नजारों का लुत्फ ले सकेंगे।

यह होंगे फायदे

-बारिश तेज होने पर इन टावरों से मंदिर के ठीक पीछे मंदाकिनी व सरस्वती नदी के बहाव पर रखी जा सकेगी नजर।

-कोई भी आपात स्थिति नजर आने पर यात्रियों को किया जा सकेगा अलर्ट

-एंटी फ्लड ऑब्जर्वेशन के लिहाज से भी बेहद अहम होंगे ये वॉच टावर

यह होंगे आकर्षण

-समूची केदारपुरी की विहंगम छटा

-चौराबाड़ी ग्लेशियर और पहाड़ि‍यां

-मंदाकिनी व सरस्वती नदियां

-हेलीपैड का खूबसूरत नजारा