भाजपा अपने कार्यकाल के खाद्यान्न घोटाले की भी कराये जांच: नेगी

देहरादून। जनसंघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गरीबों को सस्ता राशन मुहैया कराने के लए पूर्ववर्ती कांग्रेस की केन्द्र सरकार ने ऐडी चोटी का जोर लगाया जिससे कि गरीबों को दो वक्त की रोटी आसानी से मिल सके, लेकिन सरकार के भ्रष्ट
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भाजपा अपने कार्यकाल के खाद्यान्न घोटाले की भी कराये जांच: नेगी

देहरादून। जनसंघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गरीबों को सस्ता राशन मुहैया कराने के लए पूर्ववर्ती कांग्रेस की केन्द्र सरकार ने ऐडी चोटी का जोर लगाया जिससे कि गरीबों को दो वक्त की रोटी आसानी से मिल सके, लेकिन सरकार के भ्रष्ट एवं निकम्मे अधिकारियों की वजह से प्रदेश में लगभग 3 लाख 7 हजार बीपीएल कार्डधारक को मिलने वाली खाद्यान्न की मात्रा के अलावा, (अतिरिक्त/तदर्थ) आबंटन गरीबों में बंटने के बजाए खाद्यान्न माफियाओं के पास पहुंचा गया। आश्चर्य की बात यह है कि माह फरवरी 2011 से जुलाई 2012 तक इन 18 महीनों में भी आपूर्ति विभाग कुंभकर्णी नींद में सोये रहे तथा माफिया 5,45,776 कु. खाद्यान्न डकारने में सफल हो गये। अधिकारियों को इस अतिरिक्त खाद्यान्न के कोटे के गेहूं/चावल को आवंटित/वितरण करते समय समाचार पत्रों, हस्ताक्षर एवं फ्लेक्स के माध्यम से जानकारी दी जानी चाहिए थी, सभी बीपीएल परिवारों को अतिरिक्त खाद्यान्न का वितरण किया जाना है तथा सभी बीपीएल परिवार अपना अतिरिक्त खाद्यान्न ले लें, लेकिन सरकार ने ऐसा न करके माफियाओं को खुली छूट दे दी, जिसका नतीजा यह हुआ कि लाखों कुन्तल खाद्यान्न गरीबों में बंटने के बजाए माफियाओं के पास चला गया तथा इस पूरे प्रकरण/खेल में सरकार को लगभग 81 करोड़ रू. का चूना माफियाओं ने लगा दिया। इन 18 महीनों में जहां आपूर्ति विभाग को 35 किग्रा प्रति राशन कार्ड के हिसाब से 1,93,456.620 टन खाद्यान्न का वितरण करना था, जिसके विपरीत आपूर्ति विभाग ने 2,48,034.274 टन खाद्यान्न का वितरण कर दिया, लेकिन प्रश्न यह है कि आखिर 54,577.600 मीट्रिक टन खाद्यान्न कहां चला गया, जबकि बीपीएल परिवारों को प्रत्येक माह 35 किग्रा ही खाद्यान्न मिला। 04 महीनों कांगेस मुखिया बहुगुणा सरकार ने भी आंखों पर पट्टी बांध रखी है। नेगी ने कहा कि खाद्यान्न घोटाले में जनपद अल्मोड़ा पहले स्थान पर है, जिसमें 69,519 कुंतल खाद्यान्न का घोटाला हुआ तथा दूसरे स्थान पर उैधमसिंहनगर जिसमें 58,950 कु., जनपद देहरादून में 56,608 कु., टिहरी 45,320 कु. पिथौरागढ़ 44,927 कु., नैनीताल 44,406 कु., पौड़ी गढ़वाल 43,335 कु., चमोली 39,596 कु., चम्पावत 36,641 कु., उत्तरकाशी 32,356 कु., हरिद्वार 26,231 कु0, बागेश्वर 25,973 कु. तथा जनपद रूद्रप्रयाग में 21,945 कु. खाद्यान्न का घोटाला कर तेरहवें स्थान पर रहा। इस पूरे खेल में 76,40,87,156.00 रू. का खाद्यान्न, (बाजारू-बीपीएल कोटे का भाव घटा कर आया अन्तर मूल्य) 98,23,927 रू. लाभांश, 1,03,15,550.00 रू. का भाड़ा एवं लगभग 2,72,88,825.00 रू. के खाली बोरे के रूप में खप गये।