सरकार ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को किया भंग

देहरादून : नई सरकार ने चार धाम यात्रा शुरू होने से ऐन पहले आखिरकार श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर समिति को भंग कर दिया। मंदिर समिति में पिछली सरकार के नामित पदाधिकारियों के खुद इस्तीफा नहीं देने के चलते यह कदम उठाया गया। नई समिति गठित होने तक धर्मस्व सचिव को समिति का प्रशासक
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देहरादून : नई सरकार ने चार धाम यात्रा शुरू होने से ऐन पहले आखिरकार श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर समिति को भंग कर दिया। मंदिर समिति में पिछली सरकार के नामित पदाधिकारियों के खुद इस्तीफा नहीं देने के चलते यह कदम उठाया गया।

नई समिति गठित होने तक धर्मस्व सचिव को समिति का प्रशासक नियुक्त किया गया है। उधर, कई सरकारी ओहदों पर पिछली सरकार के कार्यकाल में नियुक्त करीब तीन दर्जन पदाधिकारियों को जल्द हटाया जाएगा। इस संबंध में पत्रावली मुख्यमंत्री के पास भेजी जा चुकी है।

श्री बदरीनाथ श्री केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष कांग्रेस के पूर्व विधायक गणेश गोदियाल थे। अध्यक्ष के अलावा समिति में कांग्रेस के कई सदस्य भी नामित हैं। बीती 11 मार्च को चुनाव नतीजे आने के बाद कांग्रेस प्रदेश की सत्ता से हट चुकी है। लेकिन समिति में कांग्रेस के पदाधिकारियों ने इस्तीफा देना गवारा नहीं समझा। चार धाम यात्रा शुरू होने में अब ज्यादा दिन शेष नहीं है। चार धाम यात्रा के दौरान तमाम व्यवस्थाओं को लेकर समिति की अहम जिम्मेदारी देखते हुए नई सरकार ने इसे विघटित कर दिया। धर्मस्व, तीर्थाटन प्रबंधन एवं धार्मिक मेला प्रभारी सचिव शैलेश बगोली ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। सचिव को समिति का प्रशासक बनाया गया है।

उधर, राज्य में कई अहम सरकारी ओहदों पर पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नामित पदाधिकारी जमे हुए हैं। गढ़वाल मंडल विकास निगम समेत कई निगमों के साथ ही महत्वपूर्ण परिषदों और समितियों में नामित पदाधिकारियों ने सत्ता परिवर्तन के बाद खुद ही पद से इस्तीफा नहीं दिया। अब नई सरकार इन पदाधिकारियों को हटाने जा रही है। तकरीबन तीन दर्जन से ज्यादा ओहदेदारों को हटाने की पत्रावली मुख्यमंत्री को भेजी जा चुकी है।