बंद रास्ते ने रोकी राह, चीन सीमा का निरीक्षण किए बगैर लौटी टीम

गोपेश्वर, चमोली : भारत-चीन के बीच चल रहे गतिरोध के बीच चमोली जिला प्रशासन की टीम भारत-चीन सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती के निरीक्षण के लिए गई, लेकिन उन्हें आधे रास्ते से ही वापस लौटना पड़। जिला प्रशासन का दल मलारी से आगे सड़क मार्ग बंद होने के कारण वापस जोशीमठ लौट आया। पूर्वोत्तर में चीन सेना
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गोपेश्वर, चमोली : भारत-चीन के बीच चल रहे गतिरोध के बीच चमोली जिला प्रशासन की टीम भारत-चीन सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती के निरीक्षण के लिए गई, लेकिन उन्हें आधे रास्ते से ही वापस लौटना पड़। जिला प्रशासन का दल मलारी से आगे सड़क मार्ग बंद होने के कारण वापस जोशीमठ लौट आया।

पूर्वोत्तर में चीन सेना के युद्धाभ्यास की खबरों के बीच चमोली प्रशासन चीन सीमा से लगे जिले के बाड़ाहोती क्षेत्र के निरीक्षण के लिए रवाना हुआ। जिला प्रशासन के अधिकारी और  कर्मचारियों का 17 सदस्यीय दल मंगलवार को रवाना हुआ था।

इस दल को तीन से चार दिन सीमावर्ती क्षेत्र में रुककर वहां होने वाली गतिविधियों की रिपोर्ट देनी थी, लेकिन मलारी से आगे सड़क मार्ग चार जगह से बाधित होने और प्रतिकूल मौसम के चलते दल आगे नहीं बढ़ पाया। एडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम के अलर्ट और सड़क मार्ग बाधित होने के चलते दल वापस लौटा है।

विदित हो कि चमोली जिले में चीन से जुड़ी भारतीय सीमा घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है। 80 वर्ग किलोमीटर में फैला बाड़ाहोती चारागाह भी इस दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। यहां स्थानीय लोग अपने जानवरों को लेकर आते हैं। जून के दूसरे सप्ताह में इस क्षेत्र में दो चीनी हेलीकॉप्टर भी देखे गए थे। इसके बाद प्रशासन के दल ने क्षेत्र का जायजा लिया था।

इसके अलावा वर्ष 2014 में भी यहां चीन का विमान देखा गया था। जुलाई 2016 में क्षेत्र के निरीक्षण को गई राजस्व की टीम से भी चीनी सेना का सामना हुआ था। सैनिकों ने टीम को लौट जाने का इशारा भी किया और इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई। इतना ही नहीं वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों द्वारा चरवाहों के खाद्यान्न को नष्ट करने की घटना भी सामने भी आई थी।