Himachal Pradesh के बुजुर्ग मंत्री अपनी भाषा पर सयम रखे,सीखे हिमाचल के मुख्यमंत्री से

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Himachal Pradesh के बुजुर्ग मंत्री  अपनी भाषा पर सयम रखे,सीखे हिमाचल के मुख्यमंत्री से

Himachal Pradesh: Himachal Pradesh शिक्षक महासंघ के  प्रान्त संगठन मंत्री, पवन मिश्रा, प्रान्त अध्यक्ष पवन कुमार, प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, प्रान्त महामंत्री विनोद सूद ने Himachal Pradesh सरकार के जल शक्ति मंत्री ठाकुर मोहिंद्र सिंह के उस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा कि "कोरोना कॉल में मास्टरों ने किए खूब मजे फिर भी पता नहीं कैसे बन गए कोरोना वारियर्स"। Himachal Pradeshशिक्षक महासंघ के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री को इस प्रकार के बयान देने से पहले अपनी उमर और पद का ख्याल रखना चाहिए। डॉ पुंडीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षक महासंघ  ने कहा हिमाचल प्रदेश के नेताओं को भाषा पर सयम कैसे रखा जाए, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर जी से सीखना चाहिए।

ऐसा लगता है कि Himachal Pradesh के मुख्यमंत्री की सादगी को पचा नही पा रहे हैं और किसी और पार्टी में जाने की  कि ऐसा लगता है की जल शक्ति मंत्री आने वाले चुनाव 2022 के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार को प्रदेश में नहीं देखना चाहते हैं तभी वह एक मंत्री होने के नाते कभी अधिकारियों से असभ्य भाषा में बात करते हैं और कभी इस प्रकार के वक्तव्य आम सभा में रखते हैं। ऐसी बातों से ऐसा लगता है की जल शक्ति मंत्री या तो किसी पाठशाला में पढ़े ही नहीं है अगर पढ़े हैं तो अपने उन गुरुओं का भी अपमान कर रहे हैं जिन्होंने इनको शिक्षा देकर इस काबिल बनाया। अध्यापकों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दिया आदरणीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार ठाकुर जय राम जी ने जो उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षकों के प्रति इज्जत मान को दर्शाता है।

उन्होंने एक बयान में कहा कि मैं अब बूढ़ा बैल हो गया हूँ। ऐसा ही लगता है ।आपको राजनीति से सन्यास ले लेना चाहिए।डॉ पुंडीर ने कहा कि हमे गर्व है कि प्रदेश का नेतृत्व जय राम ठाकुर जी जैसे शालीनता के धनी, सभ्य व्यक्ति कर रहे हैं। और माननीय गोविंद ठाकुर जी कर रहे हैं जिन्होंने कभी किसी को ऊंची आवाज में बात नही की। आपके बयान से लगता है कि आपका राजनीति से सन्यास लेने का समय आ गया है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ आपसे प्रदेश के लाखों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी की मांग करता है।  अध्यापकों ने कोरोना के काल मे क्या किया, जिसके लिए माननीय मुख्यमंत्री ने कोरोना वॉरियर्स का दर्जा दिया, उसके लिए आपको प्रदेश के शिक्षामंत्री और मुख्यमंत्री से सीखना चाहिए।