पारा चढ़ते ही ग्रामीण क्षेत्रों में गहराने लगा है पेयजल संकट

रानीखेत, अल्मोड़ा : पारा चढ़ने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। विकासखंड ताड़ीखेत के बमस्यू गांव में पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीण पानी के लिए दूर तक भटक रहे हैं। रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे से सटे बमस्यू गांव में पेयजल संकट बना हुआ है। लगभग 120 परिवार आबादी वाले इस
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रानीखेत, अल्मोड़ा : पारा चढ़ने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। विकासखंड ताड़ीखेत के बमस्यू गांव में पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीण पानी के लिए दूर तक भटक रहे हैं।

रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे से सटे बमस्यू गांव में पेयजल संकट बना हुआ है। लगभग 120 परिवार आबादी वाले इस गांव के वाशिंदे स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था ना होने से परेशान हैं। ऐसे में वे गांव में स्थित झीपा जल स्रोत से पानी ला रहे हैं। साथ ही हैंडपंप भी कम पानी उगल रहे हैं। ऐसे में हैंडपंपो में लोगों की भीड़ बढ़ रही है।

गांव के लोगों का कहना है स्रोत से भी दूषित पानी मिल रहा है।  इससे जल जनित रोग की आशंका भी बढ़ती जा रही है। यूं तो स्टेट हाईवे पर दो हैंडपंप भी लगाए गए हैं, मगर हैंड पंप से भी गंदा पानी आ रहा है। ये हैंडपंप लाल पानी उगल रहे हैं।

ग्रामीण गणेश राम, मोहन सिंह मेहरा, मुन्नाराम, गोसाई सिंह आदि ने जल संस्थान से गांव में पेयजल की आपूर्ति दुरुस्त करने की मांग उठाई है।