होटल-रिजॉर्ट का अधिग्रहण हटाने की मांग तेज

बागेश्वर, आठ जून से धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को खोलने की छूट देने के साथ ही होटलों का अधिग्रहण हटाने की मांग तेज हो गई है। व्यापार मंडल ने कहा कि अनलॉ आठ जून से धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को खोलने की छूट देने के साथ ही होटलों का अधिग्रहण हटाने की मांग तेज हो गई
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होटल-रिजॉर्ट का अधिग्रहण हटाने की मांग तेज

बागेश्वर, आठ जून से धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को खोलने की छूट देने के साथ ही होटलों का अधिग्रहण हटाने की मांग तेज हो गई है। व्यापार मंडल ने कहा कि अनलॉ आठ जून से धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को खोलने की छूट देने के साथ ही होटलों का अधिग्रहण हटाने की मांग तेज हो गई है। व्यापार मंडल ने कहा कि अनलॉक क के बाद अब बाहरी सैलानियों की आवाजाही बढऩे के आसार हैं। उन्हें ठहरने के लिए होटल और रिजॉर्ट की जरूरत होगी।उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजकर चरंटाइन सेंटर के लिए अधिगृहित किए गए सभी होटलों और रिजॉर्टों को अवमुक्त करने की मांग की। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने एडीएम राहुल गोयल के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद अब देश धीरे-धीरे अनलॉक हो रहा है।

इसके पहले चरण में आठ जून से पर्यटन गतिविधियां सुचारु हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि मार्च के दूसरे हफ्ते से पर्यटन कारोबार पूरी तरह से ठप है। इससे होटल कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। अब सरकार की छूट के बाद कुछ राहत की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रियायत के बाद अब पर्यटकों का आना भी शुरू हो जाएगा, लेकिन अधिकांश होटल और रिजॉर्ट सरकार ने चरंटाइन सेंटर बनाए हैं। ऐसे में रुकने की जगह नहीं होने से सैलानी यहां आने का मन बदल सकते हैं। उन्होंने बताया कि होटल कारोबार में अब ऑनलाइन बुकिंग की जाती है। ऐसे में जब तक चरंटाइन सेंटर से इन्हें मुक्त नहीं किया जाएगा।

तब तक सैलानी प्रदेश का रुख नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से तत्काल होटलों को चरंटाइन सेंटर से अवमुक्त करने की मांग की। ताकि बंद पड़ा होटल कारोबार सुचारु हो सके और सरकार के राजस्व में भी इजाफा हो। इस मौके पर जिला महामंत्री अनिल कार्की और नगर अध्यक्ष हरीश सोनी मौजूद रहे।