सैन्य अस्पताल में भर्ती पांच आइएमए कैडेट, दो कैडेट की हो चुकी है मौत

देहरादून : देश-विदेश की सेना को युवा अफसर देने वाले भारतीय सैन्य अकादमी के कई जेंटलमैन कैडेट शारीरिक रूप से कमजोर साबित हो रहे हैं। पिछले कुछ दिन में ट्रेनिंग के दौरान दो जेंटलमैन कैडेट की मौत हो चुकी है, जबकि पांच अन्य जेंटलमैन कैडेट सैन्य अस्पताल में जिंदगी व मौत से जूझ रहे हैं।
 | 
सैन्य अस्पताल में भर्ती पांच आइएमए कैडेट, दो कैडेट की हो चुकी है मौत

देहरादून : देश-विदेश की सेना को युवा अफसर देने वाले भारतीय सैन्य अकादमी के कई जेंटलमैन कैडेट शारीरिक रूप से कमजोर साबित हो रहे हैं। पिछले कुछ दिन में ट्रेनिंग के दौरान दो जेंटलमैन कैडेट की मौत हो चुकी है, जबकि पांच अन्य जेंटलमैन कैडेट सैन्य अस्पताल में जिंदगी व मौत से जूझ रहे हैं। हालांकि, अकादमी प्रबंधन का दावा है कि अस्पताल में भर्ती सभी कैडेटों की हालत स्थिर है।

आइएमए में जेंटलमैन कैडेटों को कड़ा सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के इसी क्रम में फर्स्‍ट टर्म के जेंटलमैन कैडेटों को ‘पहला कदम’ प्रशिक्षण के तहत देहरादून के निकट बादशाही बाग ले जाया गया। इस दौरान कैडेटों को दस किमी की लंबी दौड़ का टास्क दिया गया। बताया जा रहा है कि इस दौड़ में हिस्सा लेने वाले सात कैडेटों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें दो की मौत हो चुकी है।

अकादमी प्रबंधन का कहना है कि डिहाइड्रेशन के कारण कैडेट बीमार पड़े हैं। यह दावा कितना पुख्ता है यह कोर्ट ऑफ इन्क्वारी के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। वहीं अकादमी के जनसंपर्क अधिकारी ले. कर्नल दिनेश शर्मा ने सोमवार को बताया कि गरमी व उमस के चलते कैडेट डिहाइड्रेशन का शिकार हुए हैं। दस किमी की दौड़ में शामिल होने के दौरान कैडेट दीपक शर्मा की तबीयत खराब हो गई।

इस कैडेट को प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद नजदीकी लेहमन अस्पताल विकासनगर में भर्ती कराया गया, जहां पर कैडेट की मौत हो गई। यह कैडेट पंजाब का रहने वाला था। पश्चिम बंगाल का रहने वाले एक अन्य कैडेट नवीन कुमार क्षेत्री को भी मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद इस कैडेट को देहरादून के महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक दिन पहले उपचार के दौरान कैडेट ने दम तोड़ दिया।

वहीं पांच अन्य जेंटलमैन कैडेटों का उपचार मिलिट्री अस्पताल में चल रहा है। अकादमी प्रबंधन का दावा है कि कैडेटों की हालत स्थिर बनी हुई है। तत्काल इलाज पहुंचाने के बावजूद भी जिन दो कैडेटों की जान नहीं बचाई जा सकी उसका गम अकादमी को है। अकादमी के सैन्य अधिकारियों, प्रशिक्षकों व जेंटलमैन कैडेटों ने इन दिवंगत कैडेटों को श्रद्धांजलि दी है।