उत्तराखंड में मानसून के रफ्तार पकड़ने से बढ़ी दुश्वारियां

देहरादून : उत्तराखंड में मानसून के रफ्तार पकड़ने के साथ ही दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। चारधाम यात्रा मार्गों के बंद होने व खुलने का सिलसिला बना हुआ है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में 51 संपर्क मार्ग भी बंद हैं। इसके अलावा नदी-नाले उफान पर हैं और इनका वेग भयभीत कर रहा है। उधर, मौसम विभाग
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देहरादून : उत्तराखंड में मानसून के रफ्तार पकड़ने के साथ ही दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। चारधाम यात्रा मार्गों के बंद होने व खुलने का सिलसिला बना हुआ है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में 51 संपर्क मार्ग भी बंद हैं। इसके अलावा नदी-नाले उफान पर हैं और इनका वेग भयभीत कर रहा है। उधर, मौसम विभाग के अनुसार अभी राज्य में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है।

रुद्रप्रयाग जिले में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के चलते शिवनंदी में गत रात से बंद हो गया। हाइवे पर पहाड़ी से भारी मलबा आया है। बीआरओ के जवान हाइवे को खोलने में जुटे हैं।

वहीं, उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे सगलाई के पास हुआ बंद। इस पर मलबा हटाने का काम चल रहा है। वहीं यमुनोत्री हाईवे ओजरी के पास दो घंटे बंद रहा। उत्तरकाशी जिले में रात भर से सुबह तक हल्की बारिश होती रही।

चमोली में लामबगड़ स्लाइड जोन पर भूस्खलन से बदरीनाथ हाइवे गत शाम से बंद पड़ा है। लामबगड़ नाले के उफान पर होने से सड़क को खोलने में दिक्कत हो रही है। एनएच की विंग इस सड़क को खोलने में जुटी है।

पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन व मार्ग बंद होने तो मैदानी क्षेत्रों में जलभराव से लोग परेशान रहे। यही नहीं, अलकनंदा, नंदाकिनी, पिंडर, शारदा, सरयू, गोमती, काली व गोरी नदियां उफान पर हैं।