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रुद्रप्रयाग,। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में विश्व क्षय दिवस के मौके पर टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय अभियान का शुभारंभ करते हुए विभिन्न चिकित्सा इकाईयों सहित पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि में जागरूकता गोष्ठियों व टीबी स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए गए। इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में 10 लोगों ने रक्तदान किया तथा 35 का एक्स-रे किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राम प्रकाश के निर्देशन में जनपद में विश्व टीबी दिवस के तहत यस, वी केन इंड टीबी थीम पर राजकीय महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि नगर पंचायत अतिथि राजेंद्र प्रसाद गोस्वामी ने टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सामुदायिक सहभागिता को बढाने पर जोर देते हुए क्षय उन्मूलन की लड़ाई में जनमानस से सहयोग की अपील की।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सीमा टेकचंदानी ने दो सप्ताह से अधिक खांसी बुखार आने पर संबंधित व्यक्ति को निकटवर्ती चिकित्सालय से संपर्क करने की सलाह देते हुए कहा कि टीबी का उपचार नियमित रूप से निर्धारित समय तक किया जाना जरूरी है। टीबी का इलाज कभी भी अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए। टीबी का इलाज बीच में छोड़ने पर टीबी का खतरनाथ रूप ड्रग रेजिस्टेंस टीबी हो सकती है, नियमित उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो जाती है। बताया कि पंजीकृत टीबी रोगी को नियमिति रूप से दवाई खाने पर प्रत्येक माह पोषाहार भत्ता के रूप में उपचार अवधि तक एक हजार रूपए दिया जाता है। साथ ही क्षय रोगी को दवा खिलाने वाले ट्रीटमेंट सपोर्टर को भी एक हजार एवं पांच हजार रूपए दिया जाता है। जिला क्षय अधिकारी डॉ कुणाल ने निक्षय मित्र बनकर क्षय रोग उन्मूलन के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की अपील की गई।
प्राचार्य डॉ कैलाश चंद्र दुदपुड़ी, एनएसएस प्रभारी डॉ विष्णु कमार शर्मा, डॉ तनुजा ने क्षय रोग से प्रभावित होने वाले शारीरिक, सामाजिक व आर्थिक पहलुओं पर विचार रखे। इस मौके पर आयोजित टीबी स्क्रीनिंग कैंप में 35 की एक्स-रे की गई, जबकि रक्तदान शिविर में 10 लोगों द्वारा रक्तदान किया गया।
वहीं, जनपद के विभिन्न 50 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी स्क्रीनिंग व क्षय उन्मूलन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम किए। इस मौके पर डॉ अंकित बगवाड़ी, डॉ चेतन, डीपीसी मुकेश बगवाड़ी, सोशल वर्कर दिगपाल कंडारी, काउंसलर विपिन सेमवाल, सतीश नौटियाल, आदि मौजूद रहे।