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रुद्रप्रयाग,। चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब बद्रीनाथ धाम की पवित्र तेल कलश (गाड़ू घड़ा) यात्रा रुद्रप्रयाग पहुंची। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं एवं जयकारों के साथ यात्रा का भव्य स्वागत किया।
प्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं में शामिल यह गाड़ू घड़ा यात्रा नरेंद्र नगर राजदरबार से विधिवत रूप से शुरू हुई थी। पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए यात्रा विभिन्न पड़ावों से गुजरती हुई रुद्रप्रयाग पहुंची, जहां पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा, भजन-कीर्तन और “जय बद्री विशाल” के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। रुद्रप्रयाग पहुंचने पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गाड़ू घड़े में रखा गया पवित्र तेल भगवान बद्रीनाथ के कपाट खुलने के बाद मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना में उपयोग किया जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
चारधाम यात्रा के शुभारंभ से पूर्व इस प्रकार की धार्मिक परंपराएं श्रद्धालुओं के उत्साह को और अधिक बढ़ा रही हैं। वहीं, प्रशासन भी यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है। इस अवसर पर डिमरी पंचायत के केंद्रीय अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, वंदना डिमरी कंसवाल, गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।