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देहरादून,। विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले हजारों छात्रों के लिए मार्गदर्शक के रूप में टीआईजी पिछले एक दशक से अधिक समय से लगातार सफलता की नई कहानियां लिख रहा है। अब तक 12,300 से अधिक छात्रों को विदेश में पढ़ाई के अवसर दिलाने वाली यह संस्था उत्तर भारत में विदेशी शिक्षा परामर्श के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम बन चुकी है। टीआईजी संस्था के संस्थापक धीरज गांधी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि हरियाणा के करनाल स्थित अपने मुख्यालय से टीआईजी उन छात्रों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है जो अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। संस्थान की कार्यशैली इसे अन्य परामर्श संस्थाओं से अलग बनाती है, क्योंकि यहां ध्यान केवल अध्ययन वीजा दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय करियर निर्माण पर भी विशेष फोकस किया जाता है।
संस्था के संस्थापक धीरज गांधी का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल छात्रों को विदेश भेजना नहीं, बल्कि उन्हें एक मजबूत और सफल भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन देना है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक वैश्विक शिक्षण संस्थानों के साथ मजबूत संबंध होने के कारण संस्था छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सक्षम है। संस्था पारदर्शिता, नैतिकता और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के सिद्धांतों पर कार्य करती है।
उन्होंने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि टीआईजी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यक्तिगत (एक से एक) परामर्श प्रक्रिया है। इसके तहत प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, रुचियों और करियर लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें उपयुक्त पाठ्यक्रम और विश्वविद्यालय का सुझाव दिया जाता है। यही कारण है कि संस्था की सफलता दर लगातार ऊंची बनी हुई है और छात्रों व अभिभावकों के बीच इसका भरोसा मजबूत होता जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा अध्ययन वीजा परामर्श के तहत कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के लिए आवश्यक अंग्रेजी दक्षता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आईईएलटीएस, पीटीई और बोलचाल की अंग्रेजी का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है। छात्रों को उपयुक्त विश्वविद्यालय और पाठ्यक्रम चयन से लेकर आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ तैयार करने और छात्रवृत्ति संबंधी जानकारी तक हर चरण में सहायता दी जाती है। साथ ही वीजा आवेदन की प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए विशेषज्ञ टीम द्वारा संपूर्ण वीजा आवेदन सहयोग भी उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि विदेश जाने से पहले छात्रों को वहां की संस्कृति, जीवनशैली, आवास और अन्य आवश्यक पहलुओं की जानकारी देने के लिए प्रस्थान-पूर्व मार्गदर्शन भी दिया जाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपनी नई शैक्षणिक यात्रा शुरू कर सकें। इसके अतिरिक्त आश्रित वीजा और पर्यटक वीजा से संबंधित सेवाएं भी संस्था द्वारा प्रदान की जाती हैं। पिछले एक दशक में टीआईजी ने न केवल छात्रों को वैश्विक अवसरों से जोड़ा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और वैश्विक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित किया है। संस्था का लक्ष्य आने वाले वर्षों में और अधिक छात्रों तक पहुंच बनाकर उन्हें विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यह संस्था आज एक भरोसेमंद साथी के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां हर सपना स्पष्ट दिशा और मजबूत आधार के साथ आगे बढ़ता है।