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National: एस जयशंकर ने पश्चिमी देशों द्वारा भारत-रूस संबंधों पर उठाए जा रहे सवालों का सीधे तौर पर जवाब दिया।उन्होंने याद किया कि 1950 के दशक और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान जब दुनिया का बड़ा हिस्सा और पश्चिमी देश पाकिस्तान के सैन्य शासन का समर्थन कर रहे थे, तब सोवियत संघ ने भारत का साथ दिया था। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि हर देश अंतरराष्ट्रीय संबंधों को अपने ऐतिहासिक अनुभवों के आधार पर परखता है। यूरोपीय देशों का अनुभव रूस के साथ अलग हो सकता है, लेकिन भारत का रूस के साथ अनुभव हमेशा सकारात्मक और सुसंगत (consistently positive) रहा है।