हल्द्वानी:तराई पूर्वी वन प्रभाग में इन दिनों हाथियों का आतंक थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। 2 दिन पहले जहां हाथियों के झुंड में गौला नदी में काम करने वाले मजदूरों पर हमला बोल दिया था, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई है। जबकि, 2 मजदूर अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। गुरुवार देर रात हाथियों के झुंड ने फिर से गौला नदी के हल्दूचौड़ खनन निकासी और मजदूरों की झोपड़ियों पर हमला बोला। जिसके कारण मजदूर दहशत में हैं। वहीं, अब वन विभाग जंगल से सटे गांव में सोलर फेंसिंग लगाकर हाथियों के आतंक से निजात दिलाने की बात कह रहा है।
डीएफओ संदीप कुमार के मुताबिक, जंगलों में मानव हस्तक्षेप बढ़ने के चलते हाथी अब आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि जंगलों में अब हाथियों के लिए पर्याप्त चारा और पानी उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण हाथी ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा हाथियों और मानव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग लगातार प्रयासरत है।
डीएफओ संदीप कुमार के मुताबिक, हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए वन विभाग ने गश्त बढ़ा दी है। निचले कर्मचारियों को बराबर पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में इंसानी संघर्ष ना हो इसके लिए जंगल और गांव के बीच खाई खोदने के साथ-साथ सोलर फेंसिंग लगाने और हाथी दीवार बनाने का काम किया जा रहा है। जिससे कि हाथी ग्रामीण इलाकों में ना आ सके।
तराई पूर्वी वन प्रभाग में हाथियों का आतंक, खौफजदा ग्रामीण
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