सबसे पहले जाने सरकार ये टैक्स क्यों लगाने जा रही है
सरकार का कहना है कि यूपीआई अब काफी बड़ा हो चुका है और इसके सुरक्षित संचालन के लिए पैसों की आवश्यकता है। ट्रांजेक्शन की भारी मात्रा को संभालने के लिए साइबर सेक्रोरिटी और फ्रॉड रोकने के लिए लगातार निवेश की आवश्यकता है। सरकार का मानना है कि UPI के अगले चरण के विस्तार के लिए सिर्फ सरकारी सब्सिडी पर निर्भर रहना मुमकिन नहीं है।
किसे नहीं देना हैं ये टैक्स
आम ग्राहकों को ₹1 भी नहीं देना है
आप जब भी किसी दुकान पर, दूध वाले को, या ऑटो वाले को UPI से पैसे भेजते हैं, तो आपको कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। आपके खाते से उतने ही पैसे कटेंगे जितने का सामान आपने खरीदा है।
एक दोस्त से दूसरे दोस्त को पैसे भेजना मुफ्त है
अगर आप अपने किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को UPI से पैसे भेजते हैं (चाहे वह ₹100 हो या ₹10,000), तो उस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
किसे देना हैं ये टैक्स
यह नया नियम सिर्फ दुकानदारों और व्यापारियों के लिए है।
जब कोई ग्राहक ₹2000 से ज्यादा का पेमेंट करेगा, तब उस दुकानदार की कमाई में से थोड़ा सा हिस्सा (0.4% या कुछ मामलों में सीधे ₹5) बैंक या UPI कंपनी काट लेगी। ₹2000 से कम के बिल पर दुकानदारों को भी कोई चार्ज नहीं देना है।
क्या आपकी दुकान पर चार्ज लगेगा?
अगर आपके QR कोड पर पूरे महीने में ₹1 लाख या उससे कम का पेमेंट आता है, तो आप पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। आपके लिए हर तरह का UPI पेमेंट बिल्कुल पहले जैसा 100% मुफ्त रहेगा।
अगर आपका बिजनेस बड़ा है और आपके QR कोड पर महीने में ₹1 लाख से ज्यादा का पेमेंट आता है, तो आपको सिर्फ ₹2000 से ऊपर वाले बड़े ट्रांजैक्शन पर 0.4% चार्ज देना होगा।
अगर चार्ज लगेगा, तो कितना कटेगा?
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₹2000 तक का पेमेंट: कोई चार्ज नहीं (दुकानदार के लिए भी मुफ्त)।
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₹3000 का पेमेंट: 0.4% के हिसाब से ₹12 चार्ज कटेगा。
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₹10,000 का पेमेंट: 0.4% के हिसाब से ₹40 चार्ज कटेगा।
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₹75,000 या उससे ज्यादा का पेमेंट: अधिकतम चार्ज ₹300 पर फिक्स (कैप) कर दिया गया है। यानी अगर कोई ग्राहक आपकी दुकान से ₹1 लाख का सामान खरीदकर UPI करता है, तब भी आपके खाते से ₹400 नहीं, बल्कि सिर्फ ₹300 ही कटेंगे।
क्या आप यह चार्ज ग्राहक से ले सकते हैं?
जी नहीं, आप यह चार्ज ग्राहक के बिल में नहीं जोड़ सकते। सरकार और Ministry of Finance ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मर्चेंट इस चार्ज को ग्राहकों पर नहीं डाल सकते। यह प्रोसेसिंग फीस सीधे आपके बैंक/UPI ऐप द्वारा आपके मर्चेंट अकाउंट से काट ली जाएगी।
जानें कब से लागू होंगे ये टैक्स नियम
UPI पर 2000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज लागू करने की घोषणा की गई है, जो 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।

