नई दिल्ली,(विजयेन्द्र दत्त गौतम) : कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन को देखते हुए सरकार ने इनकम टैक्स को लेकर बड़ी छूट दी है। इनकम टैक्सख डिपार्टमेंट ने 29 मई को वित्तट वर्ष 2019-20 के लिए तमाम आईटीआर फॉर्मों (ITR Form) को अधिसूचित कर दिया था। अब उसने अपनी ई-फाइलिंग वेबसाइट पर आईटीआर-1 यूटिलिटी (ई-फॉर्म) जारी किया है। आईटीआर-1 फॉर्म एक्से ल और जावा फॉर्मेट में उपलब्धा है। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ा कर 30 नवंबर कर दी है, वहीं टैक्स में छूट हासिल करने के लिए इन्वेस्टमेंट की समय सीमा भी बढ़ा दी है। अब आप सरकार की कई योजनाओं में 30 जून तक निवेश कर टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं।

नए आईटीआर-1 फॉर्म में मिलेंगे ये फायदे
नए आईटीआर-1 फॉर्म में एक बात ध्याेन देने वाली है। इसमें एक अप्रैल, 2020 से 30 जून 2020 तक किए गए टैक्स सेविंग निवेश पर डिडक्श न क्ले0म करने की सुविधा दी गई है। इसके लिए नए आयकर रिटर्न फॉर्म में अनुसूची-डीआई को जोड़ा गया है। बता दें कि सरकार ने वित्त् वर्ष 2019-20 के लिए टैक्सल सेविंग की डेडलाइन 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दी है। कोविड-19 संकट के चलते विभिन्न छूटों का लाभ करदाताओं तक पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया है।

कौन इस्तेछमाल कर सकता है आईटीआर-1 का?
इनकम टैक्स् रिटर्न के कई फॉर्मों में से आईटीआर-1 एक है। आईटीआर फाइल करने के लिए इसका सबसे ज्याकदा इस्तेंमाल होता है। 2019-20 में जो लोग नीचे बताई शर्तों को पूरा करेंगे, वहीं इसके जरिये रिटर्न फाइल कर सकते हैं:

1। व्यपक्ति को देश का नागरिक होना चाहिए। अन‍िवासी भारतीय (एनआरआई) अपने टैक्सं रिटर्न फाइल करने के लिए आईटीआर-1 फॉर्म का इस्तेंमाल नहीं कर सकते हैं।

2। व्यपक्ति की आय 50 लाख रुपये से ज्या दा नहीं होनी चाहिए।

3। केवल सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी या पेंशन इत्याादि से ब्यानज जैसे अन्यच स्रोतों से इनकम वाले ही इसके जरिये रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

4। वित्तस वर्ष में 5,000 रुपये तक की कृषि इनकम वालों के लिए भी यही फॉर्म है।

हालांकि, अगर कोई किसी कंपनी में डायरेक्टसर है या उसका गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवश है या एक से ज्याोदा हाउस प्रॉपर्टी हैं तो आईटीआर-1 के जरिये रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकता है।