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देहरादून,। उत्तर-पूर्वी इंदिरा गांधी स्वास्थ्य और सहयोगी विज्ञान संस्थान शिलॉन्ग में रोड सेफ्टी सेमिनार का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में पेश करना था। पद्मश्री प्रो. डॉ. बी. के. एस. संजय, अध्यक्ष, एम्स गुवाहाटी ने कहा कि भारत और विशेषकर मेघालय में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। लगभग 90 प्रतिशत दुर्घटनाएं वाहन चालकों की लापरवाही के कारण होती हैं और इन्हें रोकना संभव है। तेज गति और अनुशासनहीन ड्राइविंग मुख्य कारण हैं, जिन्हें जागरूकता, शिक्षा और नियमों के पालन से सुधारा जा सकता है।
प्रो. संजय ने मेघालय की सड़क दुर्घटना मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत से अधिक बताया और हाल की कई हताहत घटनाओं का हवाला देते हुए तत्काल निवारक कदमों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जनता से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और जिम्मेदार ड्राइविंग अपनाने का आग्रह किया। रोड सेफ्टी एक्टिविस्ट और ऑर्थोपीडिक सर्जन डॉ. गौरव संजय ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग दुर्घटनाओं में चोट की गंभीरता और संख्या दोनों को काफी हद तक कम कर सकता है। प्रो. संजय ने विशेषकर ऑर्थोपीडिक्स विभाग के प्रमुख प्रो. भास्कर बोरगोहैन का धन्यवाद किया और रोड सेफ्टी पर विचार साझा करने का अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया।