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रुद्रप्रयाग,। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग की ओर से रुद्रप्रयाग मुख्यालय स्थित सिख रेजीमेंट के बास्केटबॉल ग्राउंड में 27वें शौर्य दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया।
समारोह में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, पूर्व सैनिक, पूर्व सैनिकों के आश्रित तथा कारगिल युद्ध में शहीद हुए रुद्रप्रयाग जनपद के तीन वीर सपूतों के परिजन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। विद्यार्थियों की ओजपूर्ण प्रस्तुतियों से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1999 का कारगिल युद्ध भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और अटूट राष्ट्रभक्ति का स्वर्णिम अध्याय है। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में भारतीय सेना ने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए शत्रु को परास्त कर विजय प्राप्त की थी। इस युद्ध में देश के 527 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि एक हजार से अधिक सैनिक घायल हुए। उत्तराखंड के 75 वीर सैनिकों ने भी राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए, जिनमें रुद्रप्रयाग जनपद के तीन वीर सपूत भी शामिल हैं।
वक्ताओं ने कहा कि शौर्य दिवस केवल शहीदों के बलिदान को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा की भावना जागृत करने का प्रेरणादायी माध्यम भी है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने अमर शहीदों के आदर्शों का अनुसरण करने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया।