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देहरादून,। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने नई दिल्ली में अहिंसा विश्व भारती द्वारा जैन आचार्य लोकेश मुनि जी के जन्मोत्सव पर आयोजित “विश्व शांति सद्भावना सम्मेलन” में भाग लिया। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया सहित अनेक गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि अहिंसा, करुणा, समानता और भाईचारा मानवता के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक महान संत की जयंती नहीं, बल्कि उनके बताए गए मूल्यों को याद करने का अवसर भी है, जो दुनिया में शांति और एकता लाने में मदद करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि आज दुनिया कई समस्याओं जैसे अस्थिरता, पर्यावरण संकट और सामाजिक असमानता का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल नीतियों से नहीं, बल्कि लोगों के अंदर बदलाव और अच्छे विचारों से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सच्ची शांति अहिंसा, बातचीत और सहिष्णुता से आती है। उन्होंने भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिग्रह के संदेश को आज भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचारों को समझने से आपसी मतभेद कम हो सकते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि भारत हमेशा “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को मानता आया है और दुनिया को एकता और भाईचारे का संदेश देता रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित विकास है। उन्होंने आचार्य लोकेश मुनि जी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज में नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। राज्यपाल ने आचार्य लोकेश मुनि जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की।