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केंद्र सरकार GST (वस्तु एवं सेवा कर) के नियमों और कानूनी ढांचे में बड़े बदलावों पर विचार कर रही है, जिसे मीडिया और वित्तीय विशेषज्ञों द्वारा “GST 2.0” या “GST Reforms 2.0” के रूप में देखा जा रहा है।
National: मौजूदा स्थिति: वर्तमान में ₹2 करोड़ या उससे अधिक की जीएसटी चोरी/हेराफेरी के मामलों में कर अधिकारियों द्वारा आपराधिक कार्यवाही (Criminal Prosecution) और गिरफ्तारी की जा सकती है। अब इस सीमा (Threshold limit) को बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का प्रस्ताव है। ₹5 करोड़ तक के कर विवादों या गड़बड़ियों को दीवानी/प्रशासनिक विवाद (Civil Dispute) के रूप में निपटाया जाएगा। इसमें केवल पेनल्टी, ब्याज और कर वसूली का प्रावधान रहेगा, न कि जेल जाने का जोखिम। ध्यान देने योग्य बात यह है कि बिना माल या सेवा की वास्तविक आपूर्ति के जारी किए गए फर्जी बिलों (Fake Invoices/ITC Fraud) के गंभीर मामलों में अभियोजन की सीमा सख्त ही रखी जाएगी ताकि धोखाधड़ी करने वालों को छूट न मिले।