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National: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (15 September 2026 को ) एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में क़र्ज़ चुकाने के लिए दो हफ्ते की मोहलत और अपना पासपोर्ट जमा करने का आखिरी मौका दिया है
राजपाल यादव ने अपनी बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘अता पता लापता’  बनाने के लिए दिल्ली की एक कंपनी ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ (माधव गोपाल अग्रवाल) से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, जिससे राजपाल यादव को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और वे समय पर लोन नहीं चुका पाए। समय पर भुगतान न करने और ब्याज व अन्य शुल्कों के जुड़ने के कारण यह विवादित राशि बढ़कर करीब 7 से 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। कर्ज चुकाने के लिए समझौते के तहत राजपाल यादव की तरफ से कुछ चेक दिए गए थे, जो कि बाद में बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ (NI Act) की धारा 138 के तहत चेक बाउंस के कई मामले दर्ज कराए। अप्रैल 2018 में निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने राजपाल यादव को इन मामलों में दोषी ठहराया था। 
हाल ही में जब यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने आया, तो कोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को बताया कि अभी उनके पास पूरे पैसे नहीं हैं, लेकिन वे और उनकी मां अपनी कुछ संपत्ति बेचकर पैसे जुटाना चाहते हैं। उन्होंने कोर्ट से कम से कम दो हफ्ते का समय मांगा और भरोसा दिलाया कि इस दौरान 2 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता को दो हफ्ते के भीतर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने का आखिरी मौका दिया है।