-जनजागरूकता अभियान के तहत जगह-जगह हुआ जनसंपर्क
-गैरसैंण स्थायी राजधानी, भू-कानून और रोजगार के मुद्दों पर पदयात्रा को लक्ष्मी प्रसाद डिमरी का समर्थन
रुद्रप्रयाग,। गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर देहरादून विधानसभा से 15 अगस्त को शुरू हुई पदयात्रा मंगलवार को रुद्रप्रयाग पहुंची। पदयात्रियों ने खांकरा से रुद्रप्रयाग तक विभिन्न स्थानों पर जनसंपर्क एवं जनजागरूकता अभियान चलाकर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के पक्ष में लोगों से समर्थन की अपील की। मुख्य बाजार रुद्रप्रयाग पहुंचने पर पदयात्रा का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। इस दौरान गैरसैंण स्थायी राजधानी के समर्थन में जोरदार नारेबाजी भी की गई। पदयात्रा को वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े लक्ष्मी प्रसाद डिमरी ने भी समर्थन दिया। उन्होंने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने के साथ ही मजबूत भू-कानून लागू करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की मांग को पहाड़ के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
लक्ष्मी प्रसाद डिमरी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करना केवल राजधानी का विषय नहीं है, बल्कि यह पहाड़ के विकास, यहां के लोगों की भागीदारी और उनके अधिकारों से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और पहाड़ी क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीतियों का निर्धारण किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। प्रदेश में मजबूत भू-कानून लागू होने से पहाड़ की जमीन और स्थानीय हितों की रक्षा को मजबूती मिल सकती है। वहीं, युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि उन्हें रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े।
डिमरी ने कहा कि गैरसैंण स्थायी राजधानी, भू-कानून और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ के हितों से जुड़े सवालों को केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित रखने के बजाय जनआंदोलन के रूप में मजबूती से उठाने की आवश्यकता है।
जानकारी के अनुसार, संयोजक विनोद प्रसाद रतूड़ी की देख-रेख में 15 अगस्त 2026 को देहरादून विधानसभा से शुरू हुई पदयात्रा मंगलवार को प्रातः करीब 8रू30 बजे खांकरा से आगे बढ़ी। पदयात्रियों ने नरकोटा, झिरमोली, रैतोली, जवाड़ी, गुलाबराय, भाणाधार सहित विभिन्न स्थानों पर जनसंपर्क एवं जनजागरूकता अभियान चलाया। दोपहर करीब 2.15 बजे पदयात्रा मुख्य बाजार रुद्रप्रयाग पहुंची। इसके बाद पदयात्री तिलणी होते हुए रतूड़ा के लिए रवाना हुए, जहां गुरुद्वारा में रात्रि विश्राम प्रस्तावित है। यह पदयात्रा गैरसैंण के रामलीला मैदान तक पहुंचेगी। यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग के समर्थन में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पदयात्रा में दान सिंह मिंगवाल, विनोद चैहान, गोपाल दत्त कुमेड़ी, रमेश दत्त नौटियाल, रामेश्वर शर्मा, बलबीर सिंह धर्मवान, बलवीर पंवार, राजेश बिष्ट, हरीश भट्ट, संदीप गौड़, बृजमोहन भट्ट, टीका राम गौड़, करण सिंह नेगी, लक्ष्मी प्रसाद डिमरी, भगत सिंह चैहान, प्रकाश सेमवाल सहित अन्य लोग शामिल रहे।

